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सिर्फ डेढ़ किलो में पूरी दुनिया — आपका दिमाग कैसे काम करता है?

by jollymarble937180 viewsHindi0:5718d ago

सिर्फ डेढ़ किलो में पूरी दुनिया — आपका दिमाग कैसे काम करता है?

आपके सिर के अंदर मौजूद सिर्फ डेढ़ किलो का यह अंग आपकी हर सोच, हर याद और हर फैसले को कंट्रोल करता है। दिमाग में 86 अरब न्यूरॉन्स होते हैं जो इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल के ज़रिए बिजली की रफ्तार से एक-दूसरे को संदेश भेजते हैं। दिमाग के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग काम करते हैं — सेरेब्रम सोचने का, सेरेबेलम संतुलन का, और ब्रेनस्टेम सांस लेने का। जब भी आप कुछ नया सीखते हैं, न्यूरॉन्स के बीच नए कनेक्शन बनते हैं — इसे न्यूरोप्लास्टिसिटी कहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात — यह दिमाग शरीर का सिर्फ 2% है, लेकिन शरीर की कुल ऊर्जा का 20% अकेले खर्च करता है। यानी जो दिमाग अभी यह सब समझ रहा है, वह दरअसल खुद अपने आप को समझने की कोशिश कर रहा है!

Transcript

सिर्फ डेढ़ किलो का यह अंग आपकी पूरी दुनिया चला रहा है। दिमाग को एक विशाल कंट्रोल रूम समझिए जहाँ अरबों फोन लाइनें एक साथ काम कर रही हैं। हर लाइन एक न्यूरॉन है — यानी एक तंत्रिका कोशिका। दिमाग में ऐसे 86 अरब न्यूरॉन्स हैं, और ये इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल के ज़रिए एक-दूसरे को संदेश भेजते हैं — बिल्कुल बिजली की तरह। दिमाग के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग काम करते हैं — सेरेब्रम सोचने का, सेरेबेलम संतुलन का, और ब्रेनस्टेम सांस लेने का। नया सीखने पर न्यूरॉन्स के बीच नए कनेक्शन बनते हैं — इसे न्यूरोप्लास्टिसिटी कहते हैं। और एक चौंकाने वाली बात — यह दिमाग शरीर की कुल ऊर्जा का 20% अकेले खर्च करता है, जबकि इसका वज़न शरीर का सिर्फ 2% है। जिस दिमाग से आप अभी यह सुन रहे हैं, समझ रहे हैं और सोच रहे हैं — वह दिमाग खुद अपने आप को समझने की कोशिश कर रहा है।

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